dil ki duniya guru
यादों का कांरवां मासूम गुरू लखनवी के साथ
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आदमी से इक इंसान
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(no title)
उसकी वो बोलती आँखें, ख़ामोश जुबां मे जाने क्या—क्या कह गयीं कि मचल उठे जज्बात जागी कलम और अल्फाज कागज पर बिखर गये। सतगुरू शर्मा
कुछ क़तरे मेरी आँख से .....
एक निगाह तुम्हारे साथ है____
मैं रहूँ कहीं एक निगाह तुम्हारे साथ है। हर मुश्किल में यकीनन थामेंगा जो तुम्हें, हो न हो वो सिर्फ मेरा ही हाथ है।। जाते देख तुम्हें,...