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अधूरी मोहब्बत का अफ़साना हूँ, भरी भीड़ में इक बेगाना हूँ। है साथ तेरे यादों की मस्ती कहते है लोग मैं दीवाना हूँ।। दीवाली की रात है दियों की बा...
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सुनहरी सुबह का इंतज़ार झिलमिल चमकती किरणें झरोखों से कमरे के अंदर झाँकती है, आहट पाते ही अंधेरा चोरों की तरह मुँह छिपाकर घर के पीछवाड...

