मुस्कराहट की वजह बनाना था जिसे
वो आंसुओ की वजह बन कर रह गया
वो आंसुओ की वजह बन कर रह गया
इंतजार मे जिस वर्षा के जाने कितने ही सावन,
वो बरसा इस कदर की सब कुछ बह गया
था मै तनहा पहले भी, तुम्हारे आने से
जाने क्यों तुम्हारे जाने से फिर मैं तनहा रह गया .................
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