dil ki duniya guru
यादों का कांरवां मासूम गुरू लखनवी के साथ
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हो मेरा तसव्वुर वो आँखों ................
1 comment:
Unknown
24 December 2012 at 02:46
Bahut umda..........
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उसकी वो बोलती आँखें, ख़ामोश जुबां मे जाने क्या—क्या कह गयीं कि मचल उठे जज्बात जागी कलम और अल्फाज कागज पर बिखर गये। सतगुरू शर्मा
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एक निगाह तुम्हारे साथ है____
मैं रहूँ कहीं एक निगाह तुम्हारे साथ है। हर मुश्किल में यकीनन थामेंगा जो तुम्हें, हो न हो वो सिर्फ मेरा ही हाथ है।। जाते देख तुम्हें,...
Bahut umda..........
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