dil ki duniya guru
यादों का कांरवां मासूम गुरू लखनवी के साथ
Search This Blog
जब याद आती है .....
1 comment:
storyteller's-avenue
5 April 2014 at 04:04
heat touching lines...brilliant !! (Y)
Reply
Delete
Replies
Reply
Add comment
Load more...
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
(no title)
उसकी वो बोलती आँखें, ख़ामोश जुबां मे जाने क्या—क्या कह गयीं कि मचल उठे जज्बात जागी कलम और अल्फाज कागज पर बिखर गये। सतगुरू शर्मा
कुछ क़तरे मेरी आँख से .....
एक निगाह तुम्हारे साथ है____
मैं रहूँ कहीं एक निगाह तुम्हारे साथ है। हर मुश्किल में यकीनन थामेंगा जो तुम्हें, हो न हो वो सिर्फ मेरा ही हाथ है।। जाते देख तुम्हें,...
heat touching lines...brilliant !! (Y)
ReplyDelete